रायपुर. छत्तीसगढ़ में अब विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस खुलने का रास्ता साफ हो गया है। दरअसल, राज्य सरकार ने निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सेवा क्षेत्र के आठ सेक्टरों को नई औद्योगिक नीति के दायरे में लाया गया है। इससे विदेशी विश्वविद्यालयों का कैंपस भी शामिल हैं। छत्तीसगढ़ में कैंपस खुलने पर विशेष रियायतें भी दी जाएगी। हालांकि उन्हीं विश्वविद्यालयों के कैंपस छत्तीसगढ़ में खुल सकेंगे, जो क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग के टॉप 500 में शामिल हो। विदेश विश्वविद्यालयों के कैंपस खुलने से विदेश जाकर पढ़ाई करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर होनहार विद्यार्थियों को ज्यादा फायदा होगा। बता दें कि क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 54 भारतीय संस्थानों को ही शामिल किया गया है। विदेश विश्वविद्यालयों को कम से कम 1000 छात्रों की क्षमता वाला एकीकृत परिसर होना चाहिए। इसे भारत सरकार एवं यूजीसी की अनुमति होनी चाहिए। परिसर में विश्वस्तरीय शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। परिसर में छात्रावास, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, लैब्स, खेल सुविधा, कैंटीन, स्वास्थ्य सुविधा आदि की व्यवस्था होनी चाहिए। मान्य स्थायी पूंजी निवेश में भूमि, विश्वविद्यालय भवन, शिक्षा के लिए अधोसंरचना, प्रयोगशाला, खेल अधोसंरचना, छात्रावास व मेस सम्मिलित होंगे।






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