सरायपाली। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में गायत्री परिवार सरायपाली द्वारा 31 दिसंबर से आयोजित होने वाले 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के पूर्व रविवार 27 दिसंबर को पुस्तक मेले का शुभारंभ किया गया। यह पुस्तक मेला 27 दिसंबर से 3 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें युग साहित्य की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है।
गायत्री परिवार के ट्रस्टियों ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पुस्तक मेले का मुख्य उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक जागरण लाना है। मेले में गायत्री परिवार के संस्थापक आचार्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा लिखित पुस्तकों का विशाल संग्रह उपलब्ध कराया गया है। यह साहित्य 60 से अधिक वर्गों में विभाजित है, जिसमें साधना, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, पर्यावरण संरक्षण, नारी जागरण, व्यसन मुक्ति, कुरीति उन्मूलन, व्यक्तित्व विकास, पारिवारिक मूल्य, सामाजिक चेतना, भारतीय संस्कृति, वैज्ञानिक आध्यात्म और जीवन प्रबंधन जैसे विषय शामिल हैं।आयोजकों ने बताया कि पुस्तक मेले में ज्ञान-विज्ञान के साथ-साथ मानव जीवन के प्रत्येक पहलू पर उन्नति का मार्गदर्शन देने वाली पुस्तकें उपलब्ध हैं। यह स्टाल न केवल जिज्ञासुओं के लिए बल्कि पुस्तक प्रेमियों के लिए भी एक बेहतरीन अवसर प्रदान कर रहा है। पुस्तकों को अत्यंत सुलभ और उचित मूल्य पर रखा गया है, ताकि हर वर्ग के लोग इस अमूल्य ज्ञान का लाभ उठा सकें।
इसके साथ ही आयोजन स्थल परिसर में ब्रह्मभोज साहित्य भी आधे मूल्य पर उपलब्ध कराया जा रहा है। गायत्री परिवार का मानना है कि श्रेष्ठ साहित्य के माध्यम से व्यक्ति के विचारों का परिष्कार होता है, जिससे परिवार, समाज और राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव है। पुस्तक मेले को लेकर क्षेत्रवासियों में उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंचकर युग साहित्य का लाभ उठा रहे हैं। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से इस पुस्तक मेले में सहभागिता करने की अपील की है।






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