सरायपाली। ग्राम जंगलबेड़ा में प्रस्तावित सोलर प्लांट के विरोध में विगत 5 फरवरी से ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना ग्राम सभा की अनुमति के उनके गांव में सोलर प्लांट का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इसी आंदोलन को समर्थन देने 1 मार्च को पूर्व पर्यटन मंडल के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंकित बागबाहरा जंगलबेड़ा पहुंचे। इस दौरान सरायपाली विधायक चातुरी नंद भी धरना स्थल पर उपस्थित रहीं।
धरना स्थल पर पहुंचकर अंकित ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस उद्योग या उद्योगपतियों के विरोध में नहीं है, बल्कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीणों के साथ खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना का कार्य बिना ग्राम सभा की अनुमति के प्रारंभ किया गया, जो संविधान और पंचायत कानूनों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि परियोजना स्थल पर तालाब और एनीकट को पाटा जा रहा है, पेड़ों की कटाई की जा रही है तथा आम रास्तों को बंद किया जा रहा है, जो प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। वन अधिनियम, वन संरक्षण अधिनियम और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण को सीधा नुकसान पहुंचाया जा रहा है। प्राकृतिक जल स्रोतों के नष्ट होने से ग्रामीणों की आजीविका और पर्यावरण संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
आरोप लगाया गया कि ग्राम पंचायत की निस्तार भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है तथा राजस्व आदेशों और लीज शर्तों की अनदेखी की गई है। विधायक चातुरी नंद ने परियोजना से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की। साथ ही सार्वजनिक संपत्तियों की बहाली और पर्यावरणीय क्षति की भरपाई के लिए क्षतिपूर्ति दिए जाने की मांग भी उठाई। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उड़ीसा और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण ग्रामीण मार्ग प्रशासन की अनदेखी के कारण बंद हो गया है। इस मार्ग से आसपास के लगभग आधा दर्जन गांवों के लोग वर्षों से आवागमन करते रहे हैं और सामाजिक संबंध बनाए रखते आए हैं। मार्ग बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धरना दे रहे ग्रामीणों ने बताया कि वे पिछले पखवाड़े भर से निर्माण कार्य पर स्थगन लगाकर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन और प्रशासन द्वारा उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने तक उनका धरना जारी रहेगा।






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