अनुशासन और शिक्षा की गुणवत्ता में होगा सुधार
रायपुर. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, अनुशासित एवं तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। विभाग ने विद्या समीक्षा केन्द्र के अंतर्गत शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए विशेष मोबाइल ऐप विकसित किया है। इसे प्रत्येक शिक्षक द्वारा डाउनलोड कर पंजीयन करना तथा प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। इस व्यवस्था से शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड वास्तविक समय पर उपलब्ध रहेगा, जिससे विद्यालयीन अनुशासन और शिक्षा की गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा।
निश्चित दायरे में रहने पर ही दर्ज होगी उपस्थिति
इस तकनीक के माध्यम से शिक्षक तभी उपस्थिति दर्ज कर सकते हैं जब वे विद्यालय के निश्चित दायरे में उपस्थित हों। इससे यह सुनिश्चित होगा कि उपस्थिति केवल स्कूल परिसर के भीतर से ही दर्ज हो। गुजरात में प्रयुक्त ऐप में यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण वहां कई बार शिक्षकों द्वारा घर से ही उपस्थिति दर्ज करने जैसी गड़बड़ियां सामने आती थीं। छत्तीसगढ़ शासन ने इस अनुभव से सीख लेते हुए इस ऐप को और अधिक सुरक्षित तथा विश्वसनीय बनाया है।
मंत्री ने समीक्षा बैठक में दिए थे निर्देश : स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने 4 सितंबर को आयोजित समग्र शिक्षा की समीक्षा बैठक में इस ऐप को तत्काल लागू करने के निर्देश दिए थे। हाल ही में मंत्री यादव गुजरात अध्ययन दौरे पर भी गए, जहां उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए अपनाई जा रही तकनीकी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। गुजरात मॉडल से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ में भी आधुनिक तकनीक आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू करने पर बल दिया। छत्तीसगढ़ का यह ऐप गुजरात की व्यवस्था से भी अधिक उन्नत है, क्योंकि इसमें जियो-फेंसिंग फीचर शामिल किया गया है।







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