सरायपाली। थाना क्षेत्र में युवती से छेड़छाड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी के मामले में नामजद आरोपी बजरंग लाल सेन और उसका पुत्र निखिल सेन को पुलिस ने विगत दिनों गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। घटना का पृष्ठभूमि के अनुसार 11 मार्च को युवती नाश्ता लेकर घर लौट रही थी, तभी रास्ते में आरोपी निखिल सेन ने गाली-गलौज और छेड़छाड़ की, विरोध करने पर मारपीट भी की। बाद में युवती के माता-पिता युवती के फोन करने पर समझाने पहुंचे तो निखिल सेन के साथ उसके पिता बजरंग सेन और राधारानी ने भी युवती के परिजनों से मारपीट, धक्का-मुक्की कर जान से मारने की धमकी दी। शिकायत पर सरायपाली थाना पुलिस ने निखिल पिता बजरंग सेन, बजरंग सेन पिता गणपत राम सेन और राधारानी पति बजरंग सेन के विरुद्ध बीएनएस की धारा 74, 296, 115(2), 351(2) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। आरोपियों के विरुद्ध पूर्व में भी छेड़छाड़, पाक्सो और एससी-एसटी एक्ट के गंभीर अपराध दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी, जिससे उनकी आदतन आपराधिक प्रवृत्ति स्पष्ट होती है।

पिता–पुत्र जेल भेजे गए

अपराध पंजीबद्ध होने के बाद से ही आरोपी बजरंग लाल सेन और उसका पुत्र निखिल सेन फरार हो गया था जिसकी तलाश में पुलिस ने विभिन्न जगह पातासाजी भी की थी। फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपी निखिल सेन और उसके पिता बजरंग लाल सेन को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया।

न्यायालय ने सुनवाई के बाद दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश देते हुए जेल दाखिल कर दिया, जबकि सह-आरोपी महिला राधारानी के संबंध में उच्च न्यायालय से जमानत की सूचना मिल रही है।

जिला बदर की मांग तेज
आरोपियों पर लगे गंभीर आरोपों और उनके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए संगम सेवा समिति ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर बजरंग सेन और निखिल सेन को जिला बदर करने की कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई है। समिति का तर्क है कि ऐसे आदतन अपराधी क्षेत्र की शांति और महिलाओं की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं, इसलिए सख्त प्रशासनिक कार्रवाई आवश्यक है।






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