मामला ग्राम चिवराकुटा का
सरायपाली। 23 दिसंबर की दरम्यानी रात प्रशासन ने चिवराकुटा में अवैध रूप से चल रहे गैस सिलेंडर रिफिलिंग कारोबार का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। सरायपाली एसडीएम अनुपमा आनंद के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में छह कैप्सूल ट्रकों सहित सैकड़ों गैस सिलेंडर, गैस टंकियां और रिफिलिंग से जुड़े उपकरण जब्त किए गए हैं। यह पूरा कार्य बिना किसी वैध अनुमति और सुरक्षा मानकों के किया जा रहा था, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी।
जानकारी के अनुसार एसडीएम अनुपमा आनंद अपनी टीम के साथ बीती रात अवैध धान परिवहन की जांच और कार्रवाई के लिए निरीक्षण पर निकली थीं। इसी दौरान ग्राम चिवराकुटा के पास एक इंडेन गैस का कैप्सूल ट्रक संदिग्ध अवस्था में जाते हुए दिखाई दिया। संदेह होने पर प्रशासनिक टीम ने ट्रक का पीछा किया, तो राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे एक गोदाम में छह कैप्सूल ट्रकों से गैस सिलेंडरों में रिफिलिंग की जा रही थी। प्रशासनिक टीम को देखते ही रात के अंधेरे का फायदा उठाकर ट्रक चालक और रिफिलिंग करा रहा व्यक्ति मौके से फरार हो गया।
इसके बाद एसडीएम ने तत्काल सिंघोड़ा थाना पुलिस और खाद्य विभाग की टीम को मौके पर बुलाया। संयुक्त कार्रवाई में छह कैप्सूल ट्रकों के अलावा बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर, टंकियां और रिफिलिंग उपकरण जब्त किए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह अवैध गतिविधि पूरी तरह से नियमों की अनदेखी करते हुए की जा रही थी। किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण आसपास के ग्रामीण इलाकों, पशुधन और वन क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा बना हुआ था।
दबी जुबान से यह भी चर्चा है कि इस पूरे मामले में किसी गैस एजेंसी की भूमिका संदिग्ध हो सकती है। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि जिस स्थान पर अवैध रिफिलिंग की जा रही थी वह भूमि किसके नाम पर दर्ज है और इस अवैध कारोबार का संचालन कौन कर रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह भूमि वन अधिकार पट्टा के अंतर्गत दी गई थी, लेकिन नियमों का उल्लंघन कर वहां अनाधिकृत रूप से गैस रिफिलिंग का कार्य किया जा रहा था। हालांकि प्रशासन ने अभी इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मामले के खुलासे के बाद दर्जनों सवाल है जिसका जवाब विभिन्न विभागों के अधिकारी भी ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। जिनमें इस प्रकार अनुविभाग स्तर के अधिकारी को लठेथो द्वारा घेरने वाले लोग और गैस सिलेंडर का अनाधिकृत रिफिलिंग करने वाले अज्ञात लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कब होगी ? क्या इस प्रकार से अनाधिकृत रूप से गैस सिलेंडर की रिफिलिंग का कारोबार पहले से चल रहा था तो इस पर खाद्य विभाग या पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ी, जिस वन पट्टे की भूमि में यह अनाधिकृत कारोबार हो रहा था तो वन विभाग के मातहतों और फील्ड वन कर्मचारियों को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी ? वन भूमि अधिकार पट्टे के शर्तों के उल्लंघन पर क्या कार्रवाई होगी ? क्या इस वन भूमि के खसरे पर धान की बिक्री समर्थन मूल्य पर कब से की जा रही थी, जबकि इसमें धान की फसल ही नहीं ली जा रही थी। जिन गैस कैप्सूल वाहनों की जप्ती की गई हैं उन पर क्या कार्रवाई होगी? जिस जगह से कैप्सूल वाहनों से रिफिलिंग करते हुए 82 नग इंडेन गैस सिलेंडर जप्त हुए उसके 1 किलोमीटर के अंदर ही चिवराकुटा इंडेन गैस एजेंसी संचालित हैं, उसके संचालक से क्या पूछताछ हुई ? यदि जिस वन भूमि क्षेत्र में जहां अनाधिकृत रूप से गैस रिफिलिंग का कार्य किया जा रहा था वहां कोई गंभीर आगजनी हो जाती तो इससे संभावित जन, पशु और वन संपत्तियों के हानि पर क्या कार्रवाई होती? जिस वन भूमि में यह अनाधिकृत कारोबार हो रहा था वहां बाकायदा गेट लगाकर निजी सुरक्षा कर्मी अनजान लोगों को भीतर जाने से रोकते रहे हैं आखिर वन अधिकार पट्टे वाली खेती की भूमि में इतनी चाक चौबंद व्यवस्था किसके लिए? इन सभी सवालों के जवाब जब तक नहीं मिल जाते तब तक मामले का पूरा खुलासा नहीं होगा।
पकड़ाये इंडियन गैस कि कैप्सूल गाड़ी के संबंध में खाद्य निरीक्षक अविनाश दुबे ने कहा की जब्त हुई कैप्सूल गाड़ी थाना के सुपुर्द की गई, जिसकी जांच जारी है, जांच पूरी होने के बाद आपको पूरी जानकारी देने की बात कही।
इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुपमा आनंद ने कहा कि रात्रि में अवैध धान परिवहन के पेट्रोलिंग के लिए निकले थे तभी एक वाहन संदेहास्पद रूप से दिखा जिसके पीछे जाने पर एक गोदाम में 6 गैस कैप्सूल व 80 से अधिक गैस अवैध रिफिलिंग होते पाया गया। तत्काल थाना प्रभारी,खाद्य विभाग व राजस्व विभाग की टीम को बुलाकर जब्ती की कार्यवाही की गई है, और अभी जांच कार्यवाही जारी है।






Users Today : 10
Users Yesterday : 43