January 15, 2026 4:12 pm

Home » छत्तीसगढ़ » कभी सर्वर तो कभी टाइमिंग का खेल, राजधानी में 650 से ज्यादा दुकानें नियमित रूप से नहीं खुल रहीं

कभी सर्वर तो कभी टाइमिंग का खेल, राजधानी में 650 से ज्यादा दुकानें नियमित रूप से नहीं खुल रहीं

20 Views

रायपुर.राजधानी की सरकारी राशन दुकानों में ग्राहकों को समय पर राशन नहीं मिल पाता है। कभी ई-पॉस मशीन के सर्वर में दिक्कत तो कभी राशन दुकानों का समय पर नहीं खुलने से हितग्राहियों की परेशानी बढ़ गई है। अधिकांश उचित मूल्य की दुकानों में सर्वर बार-बार फेल हो जाता है, जिससे राशन बांटने में काफी टाइम लगता है। कई हितग्राही बिना राशन लिए लौट जाते हैं।

कई जगह तो उन्हें राशन के बदले पैसे तक दिए जा रहे हैं। इस अव्यवस्था के चलते उन हितग्राहियों को परेशानी हो रही है, जिन्हें अपने जीवन-यापन के लिए राशन की जरूरत पड़ती है। रायपुर जिले में 650 से ज्यादा राशन दुकानें हैं। इन राशन दुकानों को सुबह 9 से शाम 5 बजे तक खुला रखना है, लेकिन कई दुकानें नियमित रूप से नहीं खुल रही हैं।

रायपुर जिले में अलग-अलग ब्लॉक में 6 लाख से अधिक लोगों के पास अलग-अलग श्रेणी के राशन कार्ड हैं। इनके आधार पर हर महीने चावल व अन्य सामग्री रियायती दरों पर वितरण की जाती है। जनवरी 2026 की स्थिति में रायपुर जिले में कुल 610612 राशन कार्ड हैं।

नई पॉस मशीन, फिर भी दिक्कत

करीब 8 माह पहले सभी राशन दुकानों की पॉस मशीनों को बदल दिया गया है। इसमें लाखों रुपए खर्च हुए। रायपुर में 650 से अधिक दुकानें हैं। इस लिहाज से इतनी ही संख्या में पॉस मशीनें लगाई गई। बताया जाता है कि पुरानी पॉस मशीनों में कोई खराबी नहीं थी और न ही तकनीकी समस्या थी। इसके बाद भी सभी मशीनों को बदल दिया गया। अब नई पॉस मशीनों में सर्वर फेल होने की समस्या हो रही है। सबसे ज्यादा परेशानी हर महीने की 1 और 2 तारीख को होती है। इस दिन अधिकांश दुकानों में सर्वर फेल रहते हैं।

चावल बेचने की शिकायतें

राशन दुकानों से हितग्राहियों के चावल को राइस मिलों में बेचने की कई शिकायतें हैं। हितग्राहियों को उनके चावल का पैसा दे दिया जाता है। फिर उस चावल को अधिक रेट में राइस मिलरों को बेच दिया जाता है। राइस मिलसार फिर उसी चावल को पॉलिस और खुशबूदार बनाकर अधिक दाम में बेच देते हैं। यह खेल रायपुर सहित सभी शहरी इलाकों की राशन दुकानों में ज्यादा चल रहा है।

live36garh
Author: live36garh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *