65.5 करोड़ से बढ़ेगी बांध की उम्र
डैम सेफ्टी पर फोकस, मरम्मत व संधारण कार्यों को हरी झंडी
रायपुर.धमतरी जिले में स्थित रविशंकर सागर जलाशय, जिसे गंगरेल बांध के नाम से जाना जाता है, को अब उन्नयन और महत्वपूर्ण मरम्मत कार्यों के जरिए और अधिक सुदृढ़ व सुरक्षित बनाया जाएगा। राज्य शासन ने बांध की दीर्घकालिक सुरक्षा और संरचनात्मक मजबूती के लिए 65.5 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस पहल से न केवल बांध की आयु में वृद्धि होगी, बल्कि डैम सेफ्टी के मानकों को भी नई मजबूती मिलेगी।

प्रस्तावित कार्यों के अंतर्गत वर्टिकल प्रेशर ड्रेन की सफाई सहित अन्य आवश्यक संधारण कार्य किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन आधुनिक तकनीकों के उपयोग से बांध की आंतरिक संरचना सुदृढ़ होगी और जल रिसाव की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा। कलेक्टर ने इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने, गुणवत्ता मानकों के कड़ाई से पालन और कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1978 में निर्मित यह बहुउद्देशीय जलाशय पिछले लगभग चार दशकों से अधिक समय से क्षेत्र की जीवनरेखा बना हुआ है। गंगरेल बांध के माध्यम से नहरों द्वारा धमतरी सहित कई जिलों में हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई की जाती है। इसके साथ ही यह जलाशय पेयजल आपूर्ति, औद्योगिक उपयोग और 11.2 मेगावाट विद्युत उत्पादन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
कलेक्टर ने कहा, “रविशंकर सागर जलाशय केवल धमतरी ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है। इसकी सुरक्षा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। स्वीकृत कार्यों से बांध की संरचनात्मक मजबूती सुनिश्चित होगी और सीपेज की समस्या का वैज्ञानिक समाधान किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सतत मॉनिटरिंग, गुणवत्ता परीक्षण और समयबद्ध कार्य योजना तैयार की गई है।





Users Today : 36
Users Yesterday : 94