सरायपाली। महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के लिए दूसरे जिलों की दौड़ न लगानी पड़े, इसके लिए महासमुंद में प्रयास आवासीय विद्यालय खोलने की मांग उठी है। छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष स्वर्ण सिंह सलूजा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर जिले में विद्यालय शुरू करने की मांग की है।
सलूजा ने पत्र में उल्लेख किया है कि महासमुंद लोकसभा क्षेत्र में महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जिले शामिल हैं। प्रदेश में वर्तमान में 17 स्थानों पर प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित होने की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों और आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलता है।
उन्होंने बताया कि सीटें सीमित होने के कारण महासमुंद और गरियाबंद के विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए जशपुर, कोरबा और जगदलपुर जैसे दूरस्थ स्थानों का रुख करना पड़ता है। इससे विद्यार्थियों और उनके परिवारों को आने-जाने में परेशानी होती है। साथ ही, आवास और यात्रा का खर्च भी सामान्य परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ाता है।
स्थानीय स्तर पर मिले शिक्षा का अवसर
सलूजा ने मुख्यमंत्री से महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महासमुंद में प्रयास आवासीय विद्यालय शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि जिले में विद्यालय खुलने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने आसपास बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकेंगे और दूरस्थ जिलों में प्रवेश लेने की मजबूरी कम हो सकती है।






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