May 16, 2026 2:44 am

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सुशासन या ‘मुखबिरी’? रेत माफिया पर कार्रवाई से पहले ही गायब हुई पोकलेन, खनिज अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप

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पिथौरा: जोंक नदी में चल रहे रेत के अवैध काले कारोबार ने अब प्रशासन की साख पर गहरा बट्टा लगा दिया है। सांकरा क्षेत्र मे अवैध रेत खनन का फल-फूल रहे इस धंधे में अब सरकारी नुमाइंदों की भूमिका भी संदिग्ध हो गई है। शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय खनिज की टीम द्वारा की गई मुखबिरी ने विभाग की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, देवसराल और नजदीक ग्रामीण क्षेत्र में अवैध उत्खनन की लगातार शिकायतों के बाद खनिज विभाग से जुड़े अधिकारी ने शिकायत के महज एक घंटे के भीतर अवैध उत्खनन करने वाले को कार्रवाई का अंदेशा जता सतर्क कर दिया। नदी में सक्रिय विशालकाय पोकलेन मशीनें और हाइवा वाहने रहस्यमयी तरीके से गायब हो गईं। ग्रामीणों ने सीधा आरोप लगाया है कि विभाग के ही उच्च अधिकारियों या उनके सहायकों ने माफियाओं को शिकायत की सूचना दे दी थी।

खनिज अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका

इस घटनाक्रम के बाद सहायक खनिज अधिकारी देवेंद्र साहू की भूमिका संदिग्ध हैं। बुधवार को वे सरायपाली क्षेत्र के एक गांव में सुशासन शिविर में होने की जानकारी मिली थी। शिविर में आते जाते समय जिस स्थान पर रेत अवैध उत्खनन किया जा रहा था उसी के नजदीक से होकर गुजरे पर उन्होंने एवं उनकी टीम ने कोई कार्रवाई नहीं की। यह चर्चा आम है कि अधिकारियों की शह पर ही अवैध घाटों को वैध बताकर दिन-रात खनन किया जा रहा है।

गौरतालब हो कि सुशासन शिविर से वापसी के दौरान टीम के पहुंचने से पहले मशीनों का हटना यह साबित करता है कि विभाग के भीतर ही माफिया के “खबरी” बैठे हैं, जिन्हें प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। जल्द ही रेत के इस अवैध उत्खनन पर मुख्यमंत्री से सीधे शिकायत की तैयारी ग्रामीण कर रहे हैं।

नदी का सीना छलनी, शासन को करोड़ों का चूना

ख़बर एवं फ़ोटो तथ्यों के अनुसार, माफिया निर्धारित पट्टे की आड़ में देवसराल के प्रतिबंधित क्षेत्रों से रेत निकाल रहे हैं। बिना पिट-पास के सैकड़ों गाड़ियां प्रतिदिन निकल रही हैं, जिससे सरकारी खजाने को भारी चपत लग रही है। हद तो तब हो गई जब प्रधानमंत्री आवास के लिए रेत ले जाने वाले गरीब ग्रामीणों से भी 200 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है।

क्या जिला प्रशासन इन कथित रसूखदार माफियाओं और उन्हें सूचना देने वाले ‘संदिग्ध’ अधिकारियों पर कोई कठोर कार्रवाई करेगा, या सुशासन के नाम पर लूट का यह खेल यूं ही चलता रहेगा?

“”””कथन देवेंद्र साहू, सहायक खनिज अधिकारी महासमुंद ““””

इस मामले मे सहायक खनिज अधिकारी देवेंद्र साहू ने वे सरायपाली गए था जहा सुचना के आधार एक डंपर अवैध रेत की जप्त की कार्यवाही करें है व अन्य किसी दिन देवसरल बल्दीडीही जाएंगे,,,,

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Author: live36garh

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