नई दिल्ली.NEET परीक्षा विवाद को लेकर देश में एक बार फिर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। इस पूरे मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है, जिसमें लगातार नए खुलासे और गिरफ्तारियां हो रही हैं।
हाल ही में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के शीर्ष अधिकारी संसद की एक विशेष जांच कमेटी के सामने पेश हुए, जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह कर रहे हैं। कमेटी के सामने NTA के दावों और उस पर विपक्ष के पलटवार ने इस विवाद को और हवा दे दी है।
NTA का रुख: ‘जब तक CBI न कहे, पेपर लीक नहीं माना जाएगा’
संसदीय कमेटी के सामने पेश हुए NTA के अधिकारियों और डायरेक्टर जनरल (DG) अभिषेक सिंह ने पेपर लीक के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। NTA का कहना है:
किसी भी प्रकार का व्यापक पेपर लीक नहीं हुआ है।
मामला अभी CBI के पास है। अगर CBI को अपनी जांच में कोई पुख्ता सबूत मिलता है, तभी आधिकारिक तौर पर इसे लीक माना जाएगा।
NTA के बयान पर विपक्ष का तीखा हमला
NTA के इस रुख के बाद विपक्ष ने सरकार और एजेंसी को आड़े हाथों लिया है। प्रमुख विपक्षी नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है:
1. कांग्रेस: “यह सरकार की पुरानी क्रोनोलॉजी है”
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने 2024 के घटनाक्रम का हवाला देते हुए सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
“2024 में भी ठीक ऐसा ही हुआ था। मामला CBI के पास गया, CBI ने कोर्ट से और समय मांगा। कोर्ट ने फटकार तो लगाई, लेकिन अंत में छात्रों का भविष्य, समय और पैसा सब बर्बाद हो गया। अब फिर से वही स्क्रिप्ट दोहराई जा रही है। सरकार पहले जान-बूझकर गलतियां करती है, फिर खुद को क्लीन चिट दिलवाती है और बाद में जनता का ध्यान भटकाने के लिए नया मुद्दा ले आती है।”
2. सीपीआई (CPI): “युवाओं के भविष्य के साथ यह असंवेदनशीलता शर्मनाक है”
CPI के जनरल सेक्रेटरी डी. राजा ने NTA के तर्क को हास्यास्पद और युवाओं के साथ क्रूर मजाक बताया। उन्होंने कहा:
जो लोग सत्ता और जवाबदेही के पदों पर बैठे हैं, उनका ऐसा बयान बेहद शर्मनाक है।
यह कहना कि ‘सिर्फ कुछ सवाल लीक हुए, पूरा पेपर नहीं’, जनता की समझ का अपमान है। क्या लीक हुए सवालों से युवाओं की जिंदगी पर असर नहीं पड़ता?
सरकार इस पूरे मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रही है। ऐसे असंवेदनशील बयानों से देश के छात्रों और युवाओं में गुस्सा और ज्यादा भड़केगा।
मुख्य बिंदु (Quick Takeaways):
जांच की स्थिति: CBI मामले की तहकीकात कर रही है, कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
विपक्ष का आरोप: सरकार CBI जांच के बहाने मामले को लंबा खींचकर छात्रों का भविष्य अधर में लटका रही है।
असर: इस राजनीतिक खींचतान के बीच लाखों मेडिकल परीक्षार्थियों का भविष्य और देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता दांव पर लगी है।





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