एनपीएसटी के तहत शिक्षकों का होगा मूल्यांकन
सरायपाली.विकासखंड बसना में ब्लू प्रिंट आधारित भाषा एवं कला समूह के व्याख्याताओं का पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिसमें ब्लू प्रिंट आधारित प्रश्न पत्र निर्माण एवं एआई का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण 20 मई से 25 मई 2026 तक स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सेजेस बसना में आयोजित किया गया। विखं शिक्षाधिकारी बद्रीविशाल जोल्हे एवं विखं स्त्रोत केंद्र समन्वयक अनिल सिंह साव के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में भीषण गर्मी के बावजूद व्याख्याताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम नोडल अधिकारी खिरोद्र कुमार पुरोहित की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण में भाषा समूह के अंतर्गत हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत तथा कला समूह के अंतर्गत राजनीति विज्ञान, भूगोल, अर्थशास्त्र एवं वाणिज्य विषयों के 111 व्याख्याताओं को ब्लू प्रिंट आधारित प्रश्न पत्र निर्माण, विद्यालय में सीखने का वातावरण, लर्निंग आउटकम, पेडागॉजी (शिक्षण शास्त्र) मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति, एनपीएसटी एवं एआई जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर उपयोगी जानकारी प्रदान की गई। मास्टर ट्रेनर्स के रूप में हिंदी विषय के लिए अजय कुमार प्रधान, अंग्रेजी के लिए सिर्भय सिंह चौहान, संस्कृत के लिए राजेंद्र पंडा, कला के लिए मनोहर दिवान, भूगोल के लिए हीराधर राणा तथा वाणिज्य के लिए प्रवीण कुमार भोई ने प्रशिक्षण प्रदान किया। सभी प्रशिक्षकों ने अपने-अपने विषयों में प्रश्न पत्र निर्माण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया तथा प्रशिक्षण कक्ष में ही समूह में प्रश्न पत्रों का निर्माण ब्लूप्रिंट के आधार पर किया गया।
समापन अवसर पर मुख्य अतिथि विकासखंड शिक्षा अधिकारी जोल्हे ने कहा कि हर प्रशिक्षण में कुछ न कुछ नई बातें सीखने को मिलती है। आज के विद्यार्थी अपडेट होकर स्कूल पहुंच रहे हैं ऐसे में शिक्षक को भी अपडेट होना बहुत जरूरी हो गया है। समय के अनुकूल प्रशिक्षित होना नितांत आवश्यक है। विपरीत मौसम एवं परिस्थितियों के बावजूद सभी व्याख्याताओं ने अनुशासन, धैर्य और उत्साह के साथ प्रशिक्षण में भाग लिया जो सराहनीय है। बीआरसीसी अनिल सिंह साव ने कहा कि यहां से जो भी प्रशिक्षण प्राप्त किये हैं उसे जीवन में उतर कर विद्यार्थियों को लाभ पहुँचाने पर ही प्रशिक्षण की सार्थकता सिद्ध होगी। उन्होंने सभी व्याख्याताओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग और सहभागिता की अपेक्षा जताई। नोडल अधिकारी के के पुरोहित ने कहा कि नये युग के अनुरूप अपने आप को ढालना जरूरी है। आज एआई जैसा तकनीक आ चुका है उसे सीखना जरूरी है। समय-समय पर इस तरह के प्रशिक्षण आवश्यक है। ताकि शिक्षकों में नई सोच विकसित हो सके। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रशिक्षणार्थियों को बीईओ जोल्हे, बीआरसीसी साव एवं सेजेस प्राचार्य गिरिजा साहू के करकमलों से प्रमाण पत्र वितरण कर किया गया। प्रशिक्षण को सफल बनाने में सेजेस प्राचार्य गिरिजा साहू, अंकित कुमार, कमलेश, विवेकानंद साहू एवं पुनीतराम चौहान आदि का विशेष सहयोग रहा। प्रशिक्षण में विखं के सभी व्याख्याताओं की उपस्थिति रही।






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