माखन चोरी लीला के साथ भक्तिभाव और निर्मल मन का बताया महत्व

सरायपाली। देवरालिया परिवार सरायपाली की ओर से पितृमोक्षार्थ आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह में कृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन धारण का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। नया मंडी मेन रोड में चल रहे कथा आयोजन में पांचवें दिन 18 सितंबर को कथा प्रवक्ता हित शुभम कृष्ण महाराज (श्रीधाम वृंदावन) ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी और गोवर्धन धारण की कथा सुनाई।
कथा प्रवक्ता ने कहा कि श्रीकृष्ण का नाम भक्तों को चुंबक की तरह अपनी ओर आकर्षित करता है। जो एक बार उनकी भक्ति में लीन हो जाता है, उसका जीवन धन्य हो जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान को अपने घर और हृदय में बुलाने के लिए मन का निर्मल और स्वच्छ होना आवश्यक है। चंचल मन को एकाग्र करना आसान नहीं है। ऋषि-मुनि वर्षों तक तपस्या कर मन को साधते हैं, लेकिन निरंतर अभ्यास से मन को वश में किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि हृदय में करुणा और भक्ति का भाव हो तो ठाकुरजी भक्त के घर आने के लिए सदैव तैयार रहते हैं। कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए उन्होंने नंद बाबा के घर भगवान शिव के योगी रूप में पहुंचने का प्रसंग भी सुनाया।
महाराज ने बताया कि बाल कृष्ण के सात-आठ माह के होने पर यशोदा मैया उनके पैरों में घुंघरू और सिर पर पगड़ी सजाती थीं। आंगन में बाल कृष्ण के कदम पड़ते ही घुंघरुओं की आवाज से यशोदा मैया को उनकी गतिविधियों का पता चल जाता था। कथा के दौरान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।
आज रुक्मणी विवाह का प्रसंग
19 सितंबर को महारास लीला, उद्धव-गोपी संवाद एवं श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाया जाएगा। 20 सितंबर को सुदामा चरित्र के साथ कथा विश्राम होगा। 21 सितंबर को गीता पाठ, हवन, ब्राह्मण भोजन एवं पूर्णाहुति के साथ सप्ताहभर चल रहे आयोजन का समापन किया जाएगा।






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