राज्यपाल सम्मानित शिक्षक, साहित्यकार और प्रेरणास्रोत छबिराम पटेल की सेवानिवृत्ति पर उमड़ा जनसैलाब, ग्राम के अंतिम छोर तक छोड़ने पहुंचे ग्रामीण और विद्यार्थी।
पिथौरा।
कुछ शिक्षक सिर्फ पढ़ाते नहीं, बल्कि पीढ़ियां गढ़ते हैं। ऐसे व्यक्तित्व हैं राज्यपाल सम्मानित प्रधानपाठक, वरिष्ठ शिक्षक, साहित्यकार एवं लेखक छबिराम पटेल, जिन्होंने अपने 39 वर्ष 9 माह 9 दिन के गौरवपूर्ण सेवाकाल में हजारों विद्यार्थियों का भविष्य संवारा और शिक्षा, समाज तथा साहित्य के क्षेत्र में अपनी अमिट पहचान बनाई। अधिवार्षिकी पूर्ण कर 30 जून को सेवानिवृत्त होने पर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला ठाकुरदियाकला में उन्हें ऐसा सम्मान मिला, जिसने पूरे समारोह को भावुक बना दिया।
विद्यालय परिसर में आयोजित विदाई समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रधानपाठक छबिराम पटेल उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में प्राचार्य बी.के. बघेल, कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के ब्लॉक अध्यक्ष उमेश दीक्षित, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के सचिव लेखराम साहू, संकुल समन्वयक नितेश साहू, सरपंच श्रीमती दिलेश्वरी दीवान, शाला विकास समिति अध्यक्ष यशवंत दीवान, उपाध्यक्ष श्रीमती पालकी दीवान, पूर्व सरपंच भानूराम ठाकुर सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि छबिराम पटेल केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण, सादगी और उत्कृष्ट शिक्षण के पर्याय रहे हैं। उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सामाजिक मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। शिक्षक होने के साथ-साथ साहित्य सृजन के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा, जिससे वे नई पीढ़ी और शिक्षकों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
समारोह के बाद विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने बैंड-बाजे के साथ उन्हें पूरे सम्मानपूर्वक गांव के अंतिम छोर तक छोड़ने पहुंचे। विद्यार्थियों और ग्रामीणों की नम आंखें इस बात की गवाही दे रही थीं कि पटेल सर ने केवल पढ़ाया नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में भी स्थान बनाया है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक मोहितराम पटेल, मुकेश कुमार सिन्हा, दिनेश कुमार निर्मलकर, प्रदीप कुमार पटेल, भागीरथी दीवान, तुलसीराम पटेल, पुकराम कुर्रे, कुसुमलता कुर्रे, हिरेंद्र दीवान, योगेश्वर साहू, रोशन डडसेना, कोमल प्रसाद पुरैना सहित ग्रामवासियों मनोज दीवान, लेखराज बरिहा, अनूप ध्रुव, कलशराम चौहान, मंटोरी दीवान, तिलकराम दीवान एवं सभी ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन दिनेश कुमार निर्मलकर तथा आभार प्रदर्शन कुसुमलता कुर्रे ने किया।








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