मामूली फॉल्ट भी ढूंढने घंटों की देरी, शिकायत के बाद भी नहीं उठते फोन, लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हो रहे खराब, व्यापारी और आमजन परेशान।

पिथौरा। नगर में विद्युत विभाग की लगातार उदासीन प्रदर्शन और लचर कार्यप्रणाली के चलते आम नागरिकों में खासा आक्रोश है। भीषण गर्मी और उमस के बीच नगर के विभिन्न वार्डो मे बार-बार बिजली गुल होने से लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। नगरवासियों का आरोप है कि मुख्य विद्युत लाइन में ट्रांसफार्मर, 11 केवी लाइन, 63 सर्किट सहित अन्य तकनीकी फॉल्ट होने पर विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारियों को फॉल्ट ढूंढने और सुधारने में कई-कई घंटे लग जाते हैं। इस दौरान पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहता है और लोगों को भीषण गर्मी में रात गुजारनी पड़ती है।
समस्या केवल बिजली बंद होने तक सीमित नहीं है। बल्कि विभाग द्वारा शिकायत के लिए जारी किए गए मोबाइल नंबर पर उपभोक्ताओं द्वारा बार-बार संपर्क करने के बावजूद फोन तक नहीं उठाया जाता। ऐसे में उपभोक्ताओं की शिकायत तथा उन्हें कोई जानकारी भी नहीं मिल पाती कि बिजली कब तक बहाल होगी।
विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिथौरा विद्युत वितरण केंद्र के अंतर्गत लगभग 9,500 बिजली उपभोक्ता पंजीकृत हैं। पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था तीन फीडरों के माध्यम से संचालित की जाती है। विभाग में 16 विद्युत कर्मी सहित एक कनिष्ठ अभियंता (जेई), एक सहायक अभियंता (एई) एवं एक अनुविभागीय अधिकारी (डीई) पदस्थ हैं, जिन पर विद्युत आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने और शिकायतों का त्वरित निराकरण करने की जिम्मेदारी है। लेकिन अधिकारियों की कार्यशैली अपेक्षित स्तर की नहीं है। तकनीकी खराबी आने पर समय पर निगरानी, त्वरित फॉल्ट खोजने और विद्युत आपूर्ति बहाल करने में लगातार लापरवाही बरती जा रही है।
वार्ड 13–14, 15 और 9 के लोग रातभर रहे परेशान
गत दिनांक मे वार्ड क्रमांक 12 से , 15 एवं 9 के सैकड़ो रहवासियों ने बताया कि दो दिन पूर्व साहेब मेडिकल के पास मामूली तकनीकी खराबी के कारण पूरी रात बिजली बंद रही। देर रात से लेकर सुबह तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही रात भर सैकड़ो नगर वासी विद्युत विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को ढूंढने में मशगूल रहे लेकिन कर्मचारी नदारद रहने का आरोप लगा। सुबह 6 बजे कर्मचारियों द्वारा फॉल्ट सुधारने के बाद ही बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। पूरी रात लोगों को उमस, गर्मी और मच्छरों के बीच जागकर समय बिताना पड़ा। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
वार्ड क्रमांक 1 के पार्षद प्रफुल्ल राजपूत का कहना है कि लगातार ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और हाई-वोल्टेज की समस्या के कारण घरों और प्रतिष्ठानों में लगे टीवी, फ्रिज, कूलर, एसी, कंप्यूटर तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को हजारों से लेकर लाखों रुपये तक का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

उपभोक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने जताई नाराजगी
वार्ड क्रमांक 10 के उपभोक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने बताया कि विद्युत विभाग की लचर व्यवस्था के कारण फॉल्ट सुधार कार्य भी गुणवत्तापूर्ण नहीं हो रहा है। कई स्थानों पर तारों की जॉइंटिंग सही तरीके से नहीं की जाती, जिसके कारण 63 सर्किट सहित अन्य लाइनें बार-बार ट्रिप हो जाती हैं। हर बार फॉल्ट बनने के बाद उसे सुधारने में घंटों का समय लग जाता है, जिससे आम जनता को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है।

व्यापारी आलोक बंसल ने जताई चिंता
नगर के व्यापारी आलोक बंसल ने कहा कि लगातार बिजली की ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और हाई-वोल्टेज की समस्या से व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। बार-बार बिजली आने-जाने से इलेक्ट्रॉनिक मशीनें और उपकरण खराब हो रहे हैं। व्यापारियों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। यदि समय रहते विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो व्यापार करना और अधिक कठिन हो जाएगा।

अग्रवाल मेडिकल संचालक बोले— दवाइयों की गुणवत्ता पर भी पड़ रहा असर
अग्रवाल मेडिकल के संचालक शैलेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि मेडिकल व्यवसाय में कई जीवनरक्षक दवाइयों और इंजेक्शनों को निर्धारित तापमान पर रखना अनिवार्य होता है। बार-बार बिजली कटौती और वोल्टेज की समस्या के कारण रेफ्रिजरेशन व्यवस्था प्रभावित होती है, जिससे दवाइयों की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बना रहता है। यदि यही स्थिति बनी रही तो मरीजों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

तिवारी होटल संचालक ने बताई व्यवसायिक परेशानी
तिवारी होटल के संचालक प्रफुल्ल तिवारी ने कहा कि बार-बार बिजली बंद होने से होटल व्यवसाय पर गंभीर असर पड़ रहा है। भीषण गर्मी और उमस के कारण अनेको समस्याओ से जूझना पड़ता है बिजली नहीं रहने से कूलर, पंखे और अन्य आवश्यक उपकरण बंद हो जाते हैं, मसाला पीसने भी विद्युत की आवश्यकता पडती है

नगरवासियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
नगरवासियों का कहना है कि यदि विद्युत विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया, फॉल्ट सुधारने की व्यवस्था तेज नहीं की तथा शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित नहीं किया, तो मजबूर होकर नागरिकों को जनआंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। लोगों ने मांग की है कि नगर की जर्जर विद्युत व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए, पर्याप्त तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती हो तथा शिकायतों के निराकरण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
इधर एस ई यतेंद्र मनहर से पक्ष लेने संपर्क किया गया उन्होंने बताया उन्हें जानकारी नहीं है अधिकारियों से तलब करने की बात कही साथ ही बताया कि पिथौरा नगर के लिए तीन बड़े ट्रांसफार्मर स्वीकृत किए गए हैं जिसे जल्दी काम में लाया जाएगा





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