
सालों से जमे कर्मचारियों का कारनामा, आबकारी अधिनियम की धारा 38(क) के तहत मामला दर्ज

महासमुंद/पिथौरा:
जिले के पिथौरा स्थित कंपोजिट मदिरा दुकान (अंग्रेजी शराब दुकान) में ग्राहकों की आंखों में धूल झोंककर चल रही भारी मिलावटखोरी का बड़ा पर्दाफाश हुआ है। आबकारी विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण करते हुए दुकान के 4 प्लेसमेंट कर्मचारियों को मैकडॉवेल नंबर 1 शराब के पाव में खुलेआम पानी मिलाते हुए रंगे हाथों धर दबोचा है।
टेबल पर ही चल रहा था मिलावट का खेल:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 25 मई 2026 को जब विभागीय टीम निरीक्षण के लिए अचानक मदिरा दुकान पहुंची, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। दुकान में कार्यरत कर्मचारी बेखौफ होकर टेबल पर ही मैकडॉवेल नंबर 1 शराब की बोतलों (पाव) का सील खोलकर उसमें पानी की मिलावट कर रहे थे। टीम ने तुरंत दबिश देकर चार आरोपियों को इस अवैध कृत्य को अंजाम देते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
सालों से जमे थे कर्मचारी, बुलंद थे हौसले:
गौरतलब हो शराब दुकान में मिलावटखोरी का यह खेल लंबे समय से बेखौफ चल रहा था। पकड़े गए 4 आरोपियों में से ‘उमेश मन्नाडे’ और ‘करन सोनटके’ पिछले लगभग 2 सालों से पिथौरा में ही कार्य कर रहे थे। वहीं नारायण निषाद और हेमंत पटेल पिछले 7-8 महीने से यहां पदस्थ थे। लंबे समय से एक ही दुकान पर टिके होने के कारण इन कर्मचारियों के हौसले इतने बुलंद हो गए थे कि वे बिना किसी डर के ग्राहकों को पानी मिली शराब बेच रहे थे।


आबकारी उपनिरीक्षक हृदय त्रिपुडे ने बताया किकंपोजिट मदिरा दुकान, पिथौरा मे कायम प्रकरण संख्या:* 01 पर कर्मचारियों को रंगे हाथो शराब मे पानी मिलते पकड़ा गया गिरफ्तार आरोपी
- करन सोनटके
- उमेश मन्नाडे
- नारायण निषाद
- हेमंत पटेल
आबकारी एक्ट की धारा 38(क) (मदिरा में पानी मिलावट)
- जब्त सामग्री: पानी मिलावट की गई मैकडॉवेल न. 1 (पाव) मदिरा। जिन्हे ब्लैक लिस्टेड करने की अनुशंसा की गयी है
कार्रवाई में शामिल आबकारी टीम:
इस अहम औचक कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने में पिथौरा वृत्त के विवेचक अधिकारी हृदय कुमार त्रिपुड़े की अहम भूमिका रही। उनके साथ संयुक्त स्टाफ के रूप में बसना वृत्त से अनिल कुमार झारिया और सरायपाली वृत्त से मिर्जा जफर बैग भी शामिल रहे। इस पूरी कार्रवाई को सफल बनाने में आबकारी पिथौरा के अन्य स्टाफ का भी विशेष सहयोग रहा।





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