भारत.सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को न्यू चंडीगढ़ के मैदान पर धूल चटाकर राजस्थान रॉयल्स (RR) ने IPL 2026 के क्वालीफायर 2 में धमाकेदार एंट्री मार ली है। इस शानदार जीत से फैंस बेहद उत्साहित हैं, लेकिन उनके मन में एक पुराना डर भी सता रहा है।
इतिहास गवाह है कि राजस्थान रॉयल्स का सफर अक्सर क्वालीफायर 2 के फेर में आकर ही खत्म हो जाता है। आइए नजर डालते हैं राजस्थान के अब तक के सफर और इस बार खिताबी जंग के समीकरणों पर।
इतिहास: ‘वन-टाइम वंडर’ या क्वालीफायर 2 के चोकर्स?
आईपीएल के 18 साल के इतिहास में राजस्थान रॉयल्स का ग्राफ काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। टीम 10 बार प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई भी नहीं कर पाई है।
2008 (ऐतिहासिक शुरुआत): शेन वॉर्न की कप्तानी में टीम ने पहला आईपीएल खिताब जीतकर इतिहास रचा था।
2013 (पहला झटका): एलिमिनेटर तो जीता, लेकिन क्वालीफायर 2 में मुंबई इंडियंस से हारकर बाहर हो गई।
2022 (खिताब के करीब): संजू सैमसन की कप्तानी में टीम फाइनल में पहुंची, पर गुजरात टाइटंस से हारकर रनर-अप रही।
2024 (इतिहास का दोहराव): कहानी फिर वही रही—एलिमिनेटर जीता, लेकिन क्वालीफायर 2 में हैदराबाद के सामने 36 रनों से घुटने टेक दिए।
इस बार इतिहास बदलने उतरेंगे ये महारथी
इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स अपने सिर से ‘क्वालीफायर 2 के चोकर्स’ का ठप्पा हटाना चाहेगी। इस बार टीम का संतुलन बेहद खतरनाक दिख रहा है:
रियान पराग (कप्तान): मोर्चे से कप्तानी संभाल रहे पराग मिडिल ऑर्डर को गजब की मजबूती दे रहे हैं।
वैभव सूर्यवंशी (15 साल का तूफान): इस युवा सनसनी ने इस सीजन में क्रिस गेल का ‘सबसे ज्यादा छक्कों’ का रिकॉर्ड तोड़कर पूरे क्रिकेट जगत में तहलका मचा रखा है।
यशस्वी जायसवाल: ओपनिंग में अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज से विरोधी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
जोफ्रा आर्चर: पावरप्ले में टीम के सबसे घातक और किफायती गेंदबाज साबित हो रहे हैं।
रवींद्र जडेजा और ध्रुव जुरेल: जडेजा का ऑलराउंडर अनुभव और जुरेल की ‘क्लच प्लेयर’ वाली भूमिका मिडिल और डेथ ओवर्स को संभाल रही है।
अगली चुनौती: क्वालीफायर 2 में राजस्थान का सामना गुजरात टाइटंस (GT) से होना है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या रियान पराग की ये नई पलटन इस बार क्वालीफायर 2 की बाधा को पार कर पाएगी या इतिहास खुद को एक बार फिर दोहराएगा।






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