सरायपाली। मानसून (बरसात) के मौसम की शुरुआत के साथ ही ग्रामीण और शहरी इलाकों में सर्पदंश (साँप के काटने), बिच्छू के डंक और अन्य कीड़े-मकोड़ों के काटने का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है। इस संवेदनशील समय में मरीजों को त्वरित और सही इलाज मिल सके, इसके लिए सरायपाली स्थित ओम हॉस्पिटल में विशेष और संपूर्ण इलाज की व्यवस्था उपलब्ध है।
हॉस्पिटल के जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. आशीष प्रधान (MBBS, MD MEDICINE) ने बताया कि जागरूकता और सही समय पर डॉक्टर से परामर्श लेने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने इस मौसम में दिखने वाले प्रमुख लक्षणों के प्रति लोगों को सचेत किया है:
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज:
सर्पदंश (साँप के काटने) के लक्षण –
काटने की जगह पर दो दाँतों के निशान दिखाई देना।
तेज दर्द, सूजन, खून बहना या त्वचा पर नीले निशान पड़ना।
पलकों का झुकना, धुंधला दिखाई देना या बोलने और निगलने में कठिनाई होना।
साँस लेने में तकलीफ़, अत्यधिक कमजोरी, चक्कर आना या बेहोशी।
बिच्छू के डंक के लक्षण –
डंक वाली जगह पर तेज जलन और असहनीय दर्द होना।
प्रभावित हिस्से में सूजन, लालिमा या झुनझुनी।
अत्यधिक पसीना आना, उल्टी, बेचैनी या घबराहट होना।
गंभीर मामलों में साँस लेने में कठिनाई होना।
शासकीय योजनाओं का लाभ और निःशुल्क परामर्श:
मरीजों को आर्थिक राहत देने के लिए अस्पताल में कई सुविधाएं दी जा रही हैं:
आयुष्मान कार्ड / राशन कार्ड और इंश्योरेंस के माध्यम से इलाज की सुविधा।
बीजू कार्ड के अंतर्गत निःशुल्क इलाज का लाभ।
अस्पताल में प्रत्येक गुरुवार को मरीजों के लिए निःशुल्क परामर्श (Free Consultation) की विशेष व्यवस्था की गई है।
अस्पताल का पता और संपर्क सूत्र:
मुख्य शाखा: स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय के पास, नेशनल हाईवे, सरायपाली (छत्तीसगढ़)।
हेल्पलाइन नंबर: 07725-299360, 83700-08558
अन्य शाखाएं:
ओम हॉस्पिटल की सेवाएं सरायपाली के अलावा रायपुर (महादेवघाट), जगदलपुर (बस्तर) और बेहेसर (तिल्दा) शाखाओं में भी उपलब्ध हैं। डॉक्टर ने अपील की है कि आपातकालीन स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास में समय गंवाने के बजाय सीधे नजदीकी अस्पताल पहुंचें।






Users Today : 3
Users Yesterday : 346