October 3, 2026 5:26 am

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छत्तीसगढ़ का लखपति गांव! हर एक महिला की आय एक लाख पार, जानिए कैसे बढ़ी आमदनी

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रायपुर.(धमतरी)कभी ग्रामीण आजीविका के लिए खेती और मजदूरी पर निर्भर रहने वाला धमतरी जिले के कुरुद विकासखंड का चटौद गांव अब महिलाओं की बढ़ती आमदनी के लिए पहचान बना रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी यहां की 220 महिलाओं की सालाना आय एक लाख रुपए से अधिक दर्ज की गई है। आरसेटी के सर्वे और डिजिटल आजीविका रजिस्टर के आंकड़ों के साथ थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन में भी महिलाओं की बढ़ी आय की पुष्टि हुई है।

महिलाओं को ऐसे हो रहा लाभ

ग्राम पंचायत चटौद को आधिकारिक रूप से ‘लखपति ग्राम’ की श्रेणी में शामिल किया गया है। इस उपलब्धि के पीछे महिलाओं का सामूहिक आधारित आर्थिक मॉडल महत्वपूर्ण रहा है। बिहान मिशन के तहत महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें प्रशिक्षण, कौशल विकास, वित्तीय साक्षरता, उद्यमिता और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। इसके साथ एंटरप्राइज लोन, सामुदायिक निवेश कोष और अन्य ऋण सुविधाओं का लाभ भी महिलाओं को मिला। छोटे-छोटे उद्यम शुरू कर महिलाओं ने अपनी आय बढ़ाने का रास्ता तैयार किया।

कमाई बढ़ी तो बढ़ा आत्मविश्वास

बिहान के स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाओं ने केवल आय बढ़ाने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी विकसित हुआ। सामूहिक प्रयासों से महिलाओं ने आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भूमिका निभाई। चटौद की ‘लखपति दीदीयां’ अब गांव में सामाजिक और आर्थिक बदलाव की भी वाहक बन रही हैं। ग्राम पंचायत चटौद का ‘लखपति ग्राम’ बनना ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। 220 महिलाओं की आय का एक लाख रुपए की सीमा पार करना यह बताता है कि समूह आधारित स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण और आसान वित्तीय सहायता को स्थानीय आजीविका गतिविधियों से जोड़कर गांव की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जा सकती है।

ग्रीन फायरवर्क्स ने भी दिया रोजगार

गांव में संचालित गणेशा फायरवर्क्स इकाई भी महिलाओं की आय बढ़ाने में अहम कड़ी बनी है। यहां करीब 100 महिलाएं पर्यावरण अनुकूल ग्रीन फायरवर्क्स के विभिन्न प्रकार के पटाखों के निर्माण से जुड़ी हैं। नियमित रोजगार मिलने से महिलाओं को आय का स्थायी स्रोत मिला और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ी।

एक नहीं, कई कामों से बढ़ी आमदनी

चटौद में महिलाओं ने पारंपरिक खेती तक खुद को सीमित नहीं रखा। पशुपालन, मत्स्य पालन, सब्जी उत्पादन, कृषि आधारित लघु उद्योग और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को अपनाकर परिवार की आमदनी बढ़ाई। शासन की गोधन परियोजना ने भी 200 से अधिक परिवारों को रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराए। इससे गांव में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुले।

 

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Author: live36garh

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