नांदेड़ साहिब के ऐतिहासिक गुरुद्वारों में माथा टेक गुरु घर का आशीर्वाद लेगी पिथौरा की संगत
गुरुगोबिंद सिंघ की फ़ौज
21 अगस्त को स्लीपर एसी बस से रवाना होगी संगत, दुर्ग में बाबा दीप सिंह जी गुरुद्वारा मे माथा टेक रवाना होगी धार्मिक यात्रा
पिथौरा। गुरु सिंघ सभा पिथौरा के सहयोग से खालसा दल के युवाओं द्वारा आयोजित चार दिवसीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पिथौरा की संगत 21 अगस्त को स्लीपर एसी बस के माध्यम से महाराष्ट्र के नांदेड़ साहिब के लिए रवाना होगी। यात्रा के दौरान संगत सिख धर्म के प्रमुख पवित्र एवं ऐतिहासिक स्थलों पर माथा टेककर अरदास करेगी और गुरु घर का आशीर्वाद प्राप्त करेगी।
यात्रा की शुरुआत पिथौरा से रवाना होने के बाद दुर्ग स्थित ऐतिहासिक बाबा दीप सिंह जी गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने और दर्शन करने के साथ होगी। इसके बाद संगत नांदेड़ साहिब के लिए रवाना होगी। यात्रा को लेकर संगत में विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण है। गुरु सिंघ सभा के सहयोग से खालसा दल के युवा यात्रा की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
सिख इतिहास की अमूल्य विरासत है नांदेड़ साहिब
गोदावरी नदी के तट पर स्थित नांदेड़ साहिब सिख धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है। यहां स्थित तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब सिखों के पांच तख्तों में से एक है। यही वह पवित्र स्थल है जहां 1708 में दशम गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपना अंतिम समय व्यतीत किया और गुरु ग्रंथ साहिब को सिखों का शाश्वत गुरु घोषित किया। बाद में महाराजा रणजीत सिंह के समय तख्त साहिब के वर्तमान भव्य निर्माण का कार्य कराया गया।
नांदेड़ साहिब की धरती गुरु गोबिंद सिंह जी की अंतिम यात्राओं, उनकी संगत और सिख इतिहास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रसंगों की साक्षी रही है। इसी कारण यहां स्थित प्रत्येक ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब अपने आप में गुरु इतिहास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
नगीना घाट से लेकर शिकार घाट तक होंगे ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन
यात्रा के दौरान संगत को तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब के साथ गुरुद्वारा नगीना घाट साहिब, गुरुद्वारा बंदा घाट साहिब, गुरुद्वारा संगत साहिब, गुरुद्वारा माल टेकड़ी साहिब, गुरुद्वारा हीरा घाट साहिब, गुरुद्वारा माता साहिब, गुरुद्वारा शिकार घाट साहिब और गुरुद्वारा गोबिंद बाग साहिब जैसे प्रमुख ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबों में दर्शन एवं अरदास का अवसर मिलेगा।
नगीना घाट साहिब गोदावरी नदी के किनारे स्थित महत्वपूर्ण ऐतिहासिक गुरुद्वारा है, जिसका संबंध गुरु गोबिंद सिंह जी से जुड़े एक प्रसिद्ध प्रसंग से बताया जाता है। वहीं बंदा घाट साहिब का संबंध बाबा बंदा सिंह बहादुर के जीवन और गुरु गोबिंद सिंह जी से उनके ऐतिहासिक मिलन से जोड़ा जाता है। संगत साहिब भी नांदेड़ के पुराने शहर में स्थित महत्वपूर्ण गुरुद्वारा है, जहां गुरु गोबिंद सिंह जी के नांदेड़ आगमन से जुड़ी ऐतिहासिक परंपराएं हैं।
21 अगस्त को रवाना होकर 24 को लौटेगी संगत
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पिथौरा से संगत 21 अगस्त को रवाना होगी और 22 अगस्त को नांदेड़ साहिब पहुंचेगी। नांदेड़ पहुंचने के बाद संगत विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबों में दर्शन, माथा टेकने और अरदास के साथ निर्धारित धार्मिक स्थलों का भ्रमण करेगी।
इसके बाद 23 अगस्त की शाम नांदेड़ साहिब से पिथौरा के लिए वापसी यात्रा शुरू होगी और 24 अगस्त को संगत पिथौरा पहुंचेगी। यात्रा के दौरान संगत की सुविधा के लिए भोजन, ठहरने और आवागमन सहित आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
गुरु सिंघ सभा पिथौरा के सहयोग से खालसा दल के युवाओं द्वारा आयोजित है






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