सरायपाली। शिक्षकीय कार्य के साथ साहित्य लेखन में सक्रिय रोहिना निवासी कमलेश साहू की यात्रा-वृत्तांत पर आधारित पुस्तक ‘यात्रा अनुभूति’ का विमोचन रायपुर के वृंदावन हॉल में आयोजित साहित्यिक समारोह में किया गया। नव छत्तीसगढ़ साहित्य एवं सांस्कृतिक संस्थान रायपुर के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में पुस्तक के जरिए अलग-अलग यात्राओं के अनुभवों और अनुभूतियों को पाठकों तक पहुंचाने की पहल सामने आई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाषाविद् डॉ. चितरंजन कर रहे। अध्यक्षता लेखक, स्तंभकार एवं कवि संजीव कुमार ठाकुर ने की। डॉ. माणिक विश्वकर्मा प्रमुख वक्ता रहे। डॉ. सीमा रानी प्रधान, कवि सुरेंद्र रावल और कवि रामेश्वर शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम के पहले सत्र में ‘यात्रा अनुभूति’ पर चर्चा हुई। संजीव कुमार ठाकुर ने कहा कि यात्रा में आने वाले कष्ट और अनुभव समय के साथ सुखद स्मृतियों में बदल जाते हैं। उन्होंने यात्रा-वृत्तांत लेखन की परंपरा और राहुल सांकृत्यायन, अज्ञेय, निर्मल वर्मा, महादेवी वर्मा तथा फणीश्वरनाथ रेणु जैसे साहित्यकारों के योगदान का उल्लेख किया।
डॉ. माणिक विश्वकर्मा ने पुस्तक की समीक्षा करते हुए कहा कि कमलेश साहू ने यात्रा-वृत्तांत को सरल और सहज शैली में प्रस्तुत किया है। डॉ. चितरंजन कर ने कहा कि केदारनाथ से बस्तर तक की यात्राओं का वर्णन लेखक की लेखन क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने सरल लेखन को सबसे कठिन विधा बताया।
कमलेश साहू ने बताया कि पुस्तक में उन्होंने अपनी विभिन्न यात्राओं के अनुभवों और अनुभूतियों को शब्दों का रूप दिया है। वे भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ राज्य मुख्यालय की प्रकाशित पुस्तक के संपादन से भी जुड़े रहे हैं। हाईस्कूल रोहिना की वार्षिक पत्रिका ‘बढ़ते कदम’ का संपादन भी कर रहे हैं। उनके लेख, आलेख और कविताएं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं।
कार्यक्रम में राजेंद्र रायपुरी, छविलाल सोनी, यशवंत चतुर्वेदी, सुनील पाण्डेय, मंजूषा अग्रवाल, बलजीत कौर, सीमा पाण्डेय, पल्लवी झा, यशवंत यदु, शकुंतला तिवारी, रूनाली चक्रवर्ती, कल्याणी तिवारी, मन्नूलाल यदु, भूपेंद्र शर्मा, विजय मिश्रा, डॉ. पूनम साहू, डॉ. जगदीश साहू, विवेक रहटगांवकर, पल्लवी रावटे, बीडी रावटे, अनिता झा, डॉ. लोकेश्वर प्रसाद सिन्हा, टीकेश्वर सिंह मरकाम, महेंद्र पटेल, तरुण साव, रविश गुप्ता, माधुरी कर, डॉ. उदयभान सिंह, आनंदराम साहू, राधेश्याम बंसल और अंजना केरकेट्टा सहित साहित्य से जुड़े लोग मौजूद रहे।





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